ब्रह्माकुमारीज संस्थान की पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि की 19वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य रक्तदान महाभियान
रक्तदान शिविर में 500 यूनिट रक्त इकठ्ठा हुआ।

आबू रोड, 20 अगस्त। सप्त नगरी न्यूज ब्युरो:- ब्रह्माकुमारीज संस्थान की पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि की 19वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में 21 से 25 अगस्त 2026 तक आयोजित होने वाले विश्व बंधुत्व रक्तदान महाभियान का शुभारम्भ ब्रह्माकुमारीज संस्थान के शांतिवन स्थित विशाल डायमंड हॉल में रक्तदान शिविर आयोजित कर किया गया, इस शिविर में 500 यूनिट रक्त इकठ्ठा हुआ। इस महाअभियान के अंतर्गत भारत एवं नेपाल में हजारों रक्तदान शिविरों का आयोजन कर अधिक से अधिक यूनिट रक्त एकत्रित करने तथा समाज में विश्व बंधुत्व और मानव सेवा का संदेश देने का लक्ष्य रखा गया है।

रक्तदान महाभियान का शुभारम्भ ब्रह्माकुमारीज संस्थान के महासचिव राजयोगी बीके करुणा, अतिरिक्त महासचिव बीके मृत्युंजय, आबू रोड के उपखण्ड अधिकारी श्री रामस्वरूप जौहर, ग्लोबल हॉस्पिटल के मैनेजिंग ट्रस्टी डॉ. प्रताप मिड्ढा, अग्रवाल समाज के अध्यक्ष श्री सागरमल अग्रवाल, समाज सेवा प्रभाग के राष्ट्रीय संयोजक बीके अवतार सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया।

इस अवसर पर आबू रोड के उपखण्ड अधिकारी श्री रामस्वरूप जौहर ने कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा महादान है। इसके बारे में जितना कहा जाए उतना ही कम है, क्योंकि हमारे द्वारा दिया गया रक्त किसी जरूरतमंद व्यक्ति की जिंदगी बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने सभी से रक्तदान के इस पुनीत कार्य में आगे बढ़कर सहयोग करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ब्रह्माकुमारीज संस्थान के महासचिव बीके करुणा ने कहा कि लोगों में रक्तदान को लेकर कई प्रकार की भ्रांतियां एवं भय पाए जाते हैं, जिसके कारण वे रक्तदान करने से घबराते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि रक्तदान एक सुरक्षित प्रक्रिया है और रक्तदान के बाद शरीर में नए रक्त का निर्माण होता है। उन्होंने सभी से इन भ्रांतियों को दूर कर जरूरतमंदों की सहायता के लिए रक्तदान करने और इस अभियान में सहयोगी बनने का आह्वान किया।
अग्रवाल समाज के अध्यक्ष श्री सागरमल अग्रवाल ने कहा कि रक्तदान को बढ़ावा देना हम सभी की सामाजिक जिम्मेदारी है। रक्त की कोई जाति, धर्म या भेदभाव नहीं होता। जरूरत के समय यही रक्त किसी भी व्यक्ति का जीवन बचाने में सहायक बन सकता है। इसलिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को मानवता की सेवा के लिए रक्तदान के प्रति जागरूक होना चाहिए।
इस अवसर पर संस्थान के अतिरिक्त महासचिव बीके मृत्युंजय तथा ग्लोबल हॉस्पिटल के मैनेजिंग ट्रस्टी डॉ. प्रताप मिड्ढा ने कहा कि रक्तदान विश्व बंधुत्व की पहली कड़ी है। जब किसी जरूरतमंद व्यक्ति को रक्त की आवश्यकता होती है और उसे रक्त मिल जाता है, तो उसकी जिंदगी बच जाती है। उस समय वह यह नहीं पूछता कि रक्तदाता किस जाति या धर्म से संबंधित है। रक्त मानवता को जोड़ने का कार्य करता है और इसी भावना से यह अभियान विश्व बंधुत्व का संदेश देता है।
कार्यक्रम में ब्लड बैंक अधिकारी डॉ. सपना तथा समाज सेवा प्रभाग के मुख्यालय संयोजक बीके बीरेंद्र ने भी रक्तदान के महत्व, इसकी प्रक्रिया एवं इससे जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी तथा लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित किया।
शांतिवन के डायमंड हॉल में आयोजित इस रक्तदान शिविर में 500 यूनिट रक्तदान किया गया। रक्त संग्रह का कार्य ब्लड बैंक सिरोही एवं ग्लोबल ट्रॉमा सेंटर के संयुक्त प्रयास से सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर बीके प्रकाश, बीके मोहन सिंघल, बीके देव, बीके जगदीश, बीके नारायण, बीके अमरदीप, ब्लड बैंक अधिकारी धर्मेंद्र सिंह, बीके ईवी गिरीश, शिक्षक ईश्वर सिंह सहित अनेक भाई-बहन एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
ब्रह्माकुमारीज द्वारा आयोजित यह रक्तदान महाभियान मानवता की सेवा, निस्वार्थ सहयोग और विश्व बंधुत्व की भावना को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। भारत एवं नेपाल में हजारों शिविरों के माध्यम से आयोजित होने वाला यह अभियान अधिक से अधिक लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करेगा और जरूरतमंदों के जीवन की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
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